“किच्छा में खाद्य संरक्षा एवं औषधि विभाग की छापेमारी, बिना लाइसेंस व मानकों के विरुद्ध मिठाई निर्माण पर की कार्यवाही”
"अस्वास्थ्यकर वातावरण में बन रही थी मिठाई, बिना लाइसेंस चल रहा था काम"

किच्छा। किच्छा के पुराना बरेली रोड, वार्ड नंबर-17 में लंबे समय से संचालित अवैध मिठाई निर्माण केंद्र पर मंगलवार को खाद्य संरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने छापेमारी कर बड़ी कार्यवाही की।


विभाग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में स्वयं को बिहार निवासी बताने वाले अजय यादव, उमेश यादव व साथियों के यहां बड़े पैमाने पर अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में मिठाई बनती पाई गई।

जांच के दौरान टीम ने पाया कि यहां मिठाई का निर्माण, भंडारण और वितरण कार्य किया जा रहा था। जिस स्थान पर मिठाई तैयार की जा रही थी, वहां साफ-सफाई का अभाव, दुर्गंध और गंदगी थी। अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ और अस्वच्छ माहौल देखकर अधिकारी हैरान रह गए। टीम ने मौके से मिठाई तैयार करने में प्रयुक्त तेल, बेसन और अन्य सामग्रियों के नमूने लिए।

सबसे गंभीर बात यह रही कि मिठाई निर्माता के पास खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) का कोई वैध लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र नहीं मिला।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि विभाग के कुमाऊँ के डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि, “बिना लाइसेंस के इस प्रकार खाद्य पदार्थों का निर्माण और विक्रय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है एवं इस प्रकार के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान पर मिठाई बनाई जा रही थी वह अनहाइजीनिक और अस्वास्थ्यकर वातावरण वाला पाया गया, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे अस्वच्छ वातावरण में खाद्य पदार्थों का निर्माण पूर्णत: प्रतिबंधित है।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि विभाग के कुमाऊँ के डिप्टी कमिश्नर, ने बताया कि मौके से लिए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। वहीं, जो तैयार मिठाई और कच्ची सामग्री पाई गई है, उसे नष्ट करने की कार्रवाई की जा रही है ताकि यह असुरक्षित खाद्य सामग्री बाजार या जनमानस तक न पहुंचे।

छापेमारी के खाद्य संरक्षा एवं औषधि विभाग के प्रवर्तन दल में कुमाऊँ के डिप्टी कमिश्नर, सहायक आयुक्त उधम सिंह नगर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी उधम सिंह नगर सहित विभाग की टीम मौजूद रही।





