किच्छा में राज्य कर विभाग का कहर
हर मालवाहन की गहन जांच से व्यापारियों में रोष

किच्छा। उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र में राज्य कर विभाग द्वारा चलाए जा रहे सघन जांच अभियान ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले प्रत्येक मालवाहन को रोककर उसकी विस्तृत जांच की जा रही है, जिसके चलते माल की आपूर्ति में देरी हो रही है और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

राज्य कर भवन किच्छा में तैनात सहायक आयुक्त राज्य कर (सचल दल) अनिल सिंह चौहान के नेतृत्व में विभाग की टीम हर वाहन की बारीकी से जांच कर रही है। वाहनों से माल उतरवाकर उसकी भौतिक जांच की जा रही है और दस्तावेजों से मिलान किया जा रहा है, जिसके बाद ही वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है।
सहायक आयुक्त अनिल सिंह चौहान ने इस कार्रवाई को लेकर स्पष्ट किया है कि “यूपी से उत्तराखंड में आने वाला कोई भी माल वाहन बिना जांच के नहीं छोड़ा जाएगा। प्रत्येक वाहन का ई-वे बिल चेक किया जाएगा, माल का मिलान किया जाएगा और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।”
इस सख्त जांच प्रक्रिया से व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

व्यापारियों से हुई बातचीत में व्यापारियों ने कहा कि, “पहले ही कर व्यवस्थाओं और नियमों की जटिलता के कारण व्यापार करना कठिन हो गया है, और अब इस तरह की लंबी जांच प्रक्रिया से व्यापार में समस्याएं और बढ़ गई हैं। लंबी जांच प्रक्रिया के चलते माल की डिलीवरी में अनावश्यक देरी हो रही है, जिससे बाजार और ग्राहकों पर सीधा असर पड़ रहा है और व्यापारिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।”
व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि जांच प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि व्यापार सुचारू रूप से चल सके और अनावश्यक बाधाओं से बचा जा सके।

ऐसे में जहां एक ओर राज्य कर विभाग कर चोरी पर लगाम लगाने और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए सख्ती बरत रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों को हो रही असुविधा भी एक गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस स्थिति में संतुलन कैसे स्थापित करता है।



