“यूजीसी द्वारा जारी लिस्ट में किच्छा की सूरजमल यूनिवर्सिटी डिफॉल्टर घोषित”
किच्छा के सूरजमल यूनिवर्सिटी सहित प्रदेश के चार निजी विश्वविद्यालय यूजीसी की डिफॉल्टर लिस्ट में शामिल



उत्तराखंड। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने पारदर्शिता के नियमों का पालन न करने पर प्रदेश के चार निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा-13 के तहत की है।



डिफॉल्टर घोषित किए गए विश्वविद्यालयों में उत्तराखंड के माया देवी यूनिवर्सिटी-देहरादून, माइंड पावर यूनिवर्सिटी-भीमताल(नैनीताल), श्रीमती मंजीरा देवी यूनिवर्सिटी डुंडा ब्लॉक (उत्तरकाशी) और सूरजमल यूनिवर्सिटी किच्छा (उधम सिंह नगर) शामिल हैं।

यूजीसी के अनुसार, इन संस्थानों ने न तो अपनी शैक्षणिक और प्रशासनिक फाइलें आयोग को प्रस्तुत कीं, और न ही अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर कोर्स, फैकल्टी, शोध गतिविधियों, छात्रों की संख्या व वित्तीय विवरण से संबंधित अनिवार्य जानकारीयां अपडेट की। इस कारण से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के लिए विश्वविद्यालयों की वास्तविक स्थिति जानना कठिन हो गया एवं प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध नही हो पा रही थी।

गौरतलब है कि 24 सितंबर, 2025 को यूजीसी ने एक सार्वजनिक सूचना के अंतर्गत देश भर 54 विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर घोषित किया है, जिसमें उत्तराखंड के 4 निज़ी विश्वविद्यालय शामिल हैं।

आयोग के अनुसार, आयोग की ओर से संबंधित विश्वविद्यालयों को कई बार ईमेल, स्मरण पत्र और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से चेतावनी दी गई थी, लेकिन उनके द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके पश्चात अनियमितताएं पाये जाने पर आयोग द्वारा डिफॉल्टर विश्वविद्यालयों की सूची जारी कर दी गयी।

यूजीसी ने अब सभी डिफॉल्टर विश्वविद्यालयों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि वे रजिस्ट्रार के माध्यम से प्रमाणित सहायक दस्तावेज आयोग को उपलब्ध कराएं। साथ ही, अपनी वेबसाइट के होम पेज पर सभी अनिवार्य जानकारी लिंक सहित अपलोड करें, ताकि छात्रों, अभिभावकों और आम जन को संस्थानों के बारे में सटीक और पारदर्शी जानकारी मिल सके।




