“डॉ. उपाध्याय ने की कुमाऊँ विश्वविद्यालय का नाम ‘एन. डी. तिवारी’ के नाम पर रखने की मांग, भारत रत्न देने की भी अपील”
डॉ. गणेश उपाध्याय ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर रखी मांग"




देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं पूर्व दर्जा राज्यमंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पं. नारायण दत्त तिवारी को भारत रत्न देने की संस्तुति करने एवं उनकी जन्म शताब्दी वर्ष को समारोह के रूप में मनाने की मांग की है।

डॉ. उपाध्याय ने अपने पत्र में कहा है कि स्व. तिवारी ने देश और उत्तराखंड के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया। वे उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे, उत्तराखंड राज्य के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री बने तथा केंद्र सरकार में कई अहम विभागों वित्त मंत्रालय, उद्योग मंत्रालय, विदेश व्यापार मंत्रालय आदि के मंत्री रहे। उन्होंने कहा कि स्व. तिवारी की प्रशासनिक दक्षता और विकासवादी सोच ने उत्तराखंड को नई दिशा दी।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि जिस प्रकार भारत सरकार ने पंतनगर स्थित कृषि विश्वविद्यालय का नाम गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और गढ़वाल विश्वविद्यालय का नाम हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय रखा है, उसी प्रकार उत्तराखंड की देवतुल्य जनता यह चाहती है कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल का नाम स्व. पं. नारायण दत्त तिवारी के नाम पर रखा जाए।


उन्होंने कहा कि आगामी 18 अक्टूबर 2025 को स्व. तिवारी की जन्म शताब्दी एवं पुण्यतिथि दोनों एक ही दिन पड़ रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार को चाहिए कि इस अवसर को भव्य रूप से मनाया जाए और उन्हें भारत रत्न देने की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजी जाए।

डॉ. उपाध्याय ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस ऐतिहासिक निर्णय को अमल में लाते हैं तो उनका नाम उत्तराखंड के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।




