प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड के 5 दोषियों को 22 दिसंबर को मिलेगी सजा, एक अब भी कानून के शिकंजे से बाहर
7 साल से फरार हत्यारोपी संदीप सिंह उर्फ राजा पर सवालों के घेरे

किच्छा। 03 मई 2018 को किच्छा के आदित्य चौक स्थित शर्मा ढाबे के बाहर दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर समीर अहमद की सनसनीखेज हत्या के मामले में न्याय की घड़ी अब करीब है। लेकिन सात साल बाद भी एक सवाल पुलिस और प्रशासन पर भारी पड़ रहा है—आखिर हत्यारोपी संदीप सिंह उर्फ राजा आज तक कहां छिपा है?

बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने समीर अहमद को गोलियों से छलनी कर दिया था। सीसीटीवी फुटेज में बदमाश के हाथ में पहना कड़ा उसकी पहचान बना और पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए जसविंदर सिंह, अंग्रेज सिंह उर्फ रिंकू, गुरचरण सिंह उर्फ बंटी, सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा और प्रसन्नजीत सिंह उर्फ सन्नी को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
लेकिन इस हत्याकांड का एक अहम आरोपी संदीप सिंह उर्फ राजा (रणदीप सिंह) आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। हैरानी की बात यह है कि लुकआउट सर्कुलर के बाद आरोपी को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन मुंबई से लाते समय यूपी के पिलखुआ के पास पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। इसके बाद सात साल बीत गए, लेकिन उधम सिंह नगर की “मित्र पुलिस” उसे आज तक पकड़ नहीं पाई।
अब इस मामले में एडीजे तृतीय मुकेश कुमार आर्या की अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने तीन दोषियों को पुलिस कस्टडी में लेने के आदेश दिए, दो आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी कर किच्छा पुलिस को शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि 22 दिसंबर 2025 को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
लेकिन कुछ सवाल अब भी जस के तस है—
👉 जब एक आरोपी पुलिस कस्टडी से भागा, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी थी?
👉 सात साल में पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए क्या ठोस प्रयास किए?
👉 क्या संदीप सिंह उर्फ राजा कानून से ऊपर है?
समीर अहमद के परिजन आज भी इंसाफ की पूरी तस्वीर का इंतजार कर रहे हैं। दोषियों को सजा मिलेगी, लेकिन जब तक फरार आरोपी सलाखों के पीछे नहीं जाता, तब तक यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवाल बना रहेगा।
अब देखना यह है कि सात साल से फरार संदीप सिंह उर्फ राजा कब कानून के शिकंजे में आएगा।




